Wednesday 11-02-2026

बिना रेरा पंजीकृत कॉलोनियों में प्लाटों की हो रही रजिस्ट्री, शासन के नियम किए दरकिनार

Posted By Vinod Kewat
  • Updated Monday Sep 29 2025
  • / 133 Read

बिना रेरा पंजीकृत कॉलोनियों में प्लाटों की हो रही रजिस्ट्री, शासन के नियम किए दरकिनार

नर्मदापुरम। नर्मदापुरम शहरी क्षेत्र से लगे ग्रामीण क्षेत्रों मे बिल्डरों द्वारा बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां बनाई जा रही है। बिना वैध अनुमति लिए और बिना रेरा पंजीयन कराएं कृषि भूमि पर कॉलोनी विकसित कर प्लॉट विक्रय किए जा रहे हैं। कृषि भूमि को सस्ते दामों पर बिल्डर खरीद कर जमीन का डायवर्सन कराकर सस्ते दामों के प्लॉट बताकर बेच रहे है। मुख्य मार्गों सहित हाईवे से लगी कृषि भूमि को बिल्डर कॉलोनियों में तब्दील कर कई गुना मुनाफा कमा रहे है। सस्ते दामों में प्लॉट और सर्वसुविधायुक्त कॉलोनी के विज्ञापन से लोग झांसे में फंस जाते है। अवैध कॉलोनी विकसित कर लोगो को प्लॉट तो मिल जाते है लेकिन सुविधाओ के नाम पर लोगो को परेशान होना पड़ता है । रेरा लागू होने के बाद अवैध कॉलोनी के प्लॉट विक्रय को लेकर कार्यवाही का प्रावधान है, लेकिन विभागो में सांठ गांठ कर कॉलोनी बनाई जा रही है और प्रशासन चुप्पी साधे हुए हैं। ऐसी ही एक कॉलोनी हरदा नर्मदापुरम रोड स्थित पुराने टोल नाके के पास टुगरिया ग्राम में बिना रेरा पंजीयन के विकसित की जा रही है और लोगों को प्लाट बेचकर रजिस्ट्री भी कराई जा रही है। उक्त विकसित की जा रही कॉलोनी की शिकायत प्रशासन से कर कार्यवाही की मांग की गई है। 

एसडीएम नर्मदापुरम से की गई शिकायत   

नर्मदापुरम जिले की जनपद पंचायत नर्मदापुरम के ग्राम टुगरिया के खसरा क्रमांक 37(37/1/1, 37/1/2/1, 37/1/2/2, 37/2) पर विकसित की जा रही कॉलोनी के समस्त वैध अनुमति और दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार कार्यवाही करने की मांग की गई है। एसडीएम को दिनांक 27/06/2025 को प्रेषित शिकायत को संज्ञान लेते हुए तहसीलदार ग्रामीण नर्मदापुरम को कार्यवाही के लिए पत्र लिखा है। एसडीएम नर्मदापुरम द्वारा तहसीलदार को प्रेषित पत्र दिनांक 01/07/2025 में लेख किया गया है कि ग्राम टुगरिया में विकसित की जा रही कॉलोनी और प्लॉट विक्रय की जांच कर जांच रिपोर्ट यथाशीघ्र प्रेषित की जाएं ।

कार्यवाही नहीं होने पर की जाएगी प्रदेश स्तर पर शिकायत

सूत्रों की माने तो शिकायत होने के बाद से बिल्डर द्वारा अधिकारियों से सामंजस्य साधना तेज कर दिया है। सूत्रों की माने तो एक अन्य शिकायतकर्ता ने उक्त कॉलोनी की शिकायत रेरा कार्यालय सहित प्रदेश स्तर पर कर कार्यवाही की मांग की है । शिकायत पर कार्यवाही न होने पर उच्च न्यायालय की शरण लेने का हवाला शिकायत पत्र में किया गया है।

रेरा पंजीकृत कॉलोनी में लेना होता अनुमति

एक मई 2017 से प्रदेश में रेरा एक्ट लागू हुआ। इसके तहत व्यवसायिक उपयोग के लिए प्लॉट- मकान, दुकान की खरीदी बिक्री के लिए रेरा पंजीयन (RERA Registration) कराना जरूरी है। रेरा पंजीयन के लिए कई दस्तावेजो की जरूरत होती है। इसमें टीएंडसीपी से लेकर नगर पालिका और अन्य विभागों की एनओसी, मंजूरियों से लेकर कॉलोनी विकसित करने वाले से जुड़े व जमीन से जुड़े दस्तावेज चाहिए होते हैं, जिसकी मॉनीटरिंग होती है। इसमें लोगो के प्लॉट खरीदने वालो के साथ धोखाधड़ी की स्थिति नहीं के बराबर होती है। रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाने के लिए केंद्र बिल लाया था, जिसके बाद राज्य शासन ने नियम बनाकर लागू किया है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि को डायवर्सन कराकर बिना रेरा पंजीकृत किए प्लॉट विक्रय कर शासन को राजस्व हानि पहुंचाने में लगे हुए हैं।

अधिकारी कर्मचारी आखिर क्यों नही लेते स्वत: संज्ञान

जिला मुख्यालय के समीप ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र में बिना रेरा पंजीकृत कॉलोनी में प्लॉट विक्रय कर रजिस्ट्री हो रहीं है लेकिन प्रशासन द्वारा स्वतः संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। सूत्रों की कुछ मामलों में अधिकारी कार्रवाई से कतराते हैं। वही बिल्डरों और अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध कॉलोनियाँ पनप रही हैं। अक्सर शिकायतों के बाद दिखावटी निरीक्षण होता है, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से भी अवैध कॉलोनी धड़ल्ले से बन रही है।

Share News

NewsFlash NewsFlash NewsFlash NewsFlash NewsFlash NewsFlash

खबर पर प्रतिक्रिया /कमेन्ट करने के लिए लॉगइन करे Login Page

नए यूजर जुडने के लिए डिटेल्स सबमिट करे New User's Submit Details

Our Facebook Page


POPULAR NEWS